1 . ऊँट की बैठक हिरन की चाल .
बोलो वह कौन है पहलवान। .
------मेढक
2 मैं मरुँ मैं कटूं
तुम्हें क्यों आंसूं आये।
-----प्याज
3 काला हांडा उजला भात।
ले लो भाई हाथों-हाथ।।
------सिंघारा
4 हाथी , घोड़ा ऊँट नहीं
खाए न दाना , घास
सदा ही धरती पर चले ,
होए न कभी उदास।।
------ साईकिल
5 मैं हरी मेरे बच्चे काळा ,
मुझको छोर , मेरे बच्चे खले।
-----इलाइची
6 हाथ पैर सब जुदा -जुदा ,
ऐसी सूरत दे खुदा।
जब वह मूरत बन ठन आये ,
हाथ धरे तो राग सुनावे।।
-- ---हुक्का
7 . चार है रानियां और एक है राजा।
हर एक काम में उनका अपना साझा।।
-----अंगूठा और अंगुलियां
8 . पानी से निकला दरखत एक,
पैट नहीं पर डाल अनेक।
एक दरखत की ठंडी छाया,
नीचे एक बैठ न पाया।।
-----फुहारा
9 परत -परत पर जमा हुआ है ,
इसके ज्ञान
बस्ता खोलोगे तो इसको ,
लोगे तुम पहचान।
-----किताब
10 . एक नाड़ी का दस नड़
बस्ती बाहर बां का घर
मुँह मीठा ता सीर गरम।
------ तरबूज
बोलो वह कौन है पहलवान। .
------मेढक
2 मैं मरुँ मैं कटूं
तुम्हें क्यों आंसूं आये।
-----प्याज
3 काला हांडा उजला भात।
ले लो भाई हाथों-हाथ।।
------सिंघारा
4 हाथी , घोड़ा ऊँट नहीं
खाए न दाना , घास
सदा ही धरती पर चले ,
होए न कभी उदास।।
------ साईकिल
5 मैं हरी मेरे बच्चे काळा ,
मुझको छोर , मेरे बच्चे खले।
-----इलाइची
6 हाथ पैर सब जुदा -जुदा ,
ऐसी सूरत दे खुदा।
जब वह मूरत बन ठन आये ,
हाथ धरे तो राग सुनावे।।
-- ---हुक्का
7 . चार है रानियां और एक है राजा।
हर एक काम में उनका अपना साझा।।
-----अंगूठा और अंगुलियां
8 . पानी से निकला दरखत एक,
पैट नहीं पर डाल अनेक।
एक दरखत की ठंडी छाया,
नीचे एक बैठ न पाया।।
-----फुहारा
9 परत -परत पर जमा हुआ है ,
इसके ज्ञान
बस्ता खोलोगे तो इसको ,
लोगे तुम पहचान।
-----किताब
10 . एक नाड़ी का दस नड़
बस्ती बाहर बां का घर
मुँह मीठा ता सीर गरम।
------ तरबूज


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